निरंकुश साहित्य
Tuesday, 11 August 2020
एक दूसरे पर
›
प्यार लगाव अपनापन बढ़ता जाता है किसी और के खातिर कुछ न कुछ करने की ललक सीमा लाँघकर भी अपना होंने के कारण उसे अपना समझने के कारण विश्वास था मु...
जीवन
›
जीवन में शुन्यता या शुन्यता में जीवन उड़ान भरता वायुयान जमीन छोड़ विस्तृत आकाश में तेज रफ्तार से गंतव्य तक पहुँचाने में बादलों को चीरते हुए ऊ...
Monday, 10 August 2020
जय श्री राम
›
आज हम आओ करें शुरुआत कहकर राम राम जी। वर्षों से मन में चाह रही कब होगा मंदिर निर्माण अयोध्या में राम बिराजेंगे टेंट में कबतक रहेंगे राम यही ...
चाहत
›
बनी रहे यह रूप यह लावण्य यह आकर्शन यह सुंदरता खिलती रहे यह जवानी बढ़ती रहे यह नादानी देखता रहूं सुनहरे लहराते ये केश भाता रहे पीले रंग का ...
राम_मन्दिर
›
भूमि पूजन होते देखकर प्रेम भक्ति से सबकी आंखे बरस पड़ी राममय हो गया सम्पूर्ण भारत रोम रोम में राम समाए * सियाराम मय * सब जग गाए मन्दिर की भव...
अयोध्या
›
# घर हो या बाहर मठ मंदिर का प्रागंण हो या फिर सरयू का तट हर जगह पूरी रात चहल पहल 5 अगस्त 2020 मंगलवार की रात जगी रही अयोध्या जाे बिस्तर पर ...
जय_श्री_राम_जय_जय_राम
›
सबके हैं राम सब में हैं राम घट घट के बासी हैं श्रीराम। सिया राममय सब जग जानी सबके पूर्ण होंगे सब काम।। 492 वर्ष तक हुए संघर्ष का, आज ...
‹
›
Home
View web version