Saturday, 10 March 2018

ऋतुराज का स्वागत


पीली धानी रंग में सजी
उत्सव का रंग लिए
आनंद
मस्ती
चरमोत्कर्ष पर
सकल मानव की वृत्तियों को
सुरुचिपूर्ण
सुखद
संयत
कल्याणकारी
बनाने के लिए
जीवन को
नए अहसास
नए विचार
भरने के लिए
वसंत का
ऋतुराज का
स्वागत !

मलय समीर
मंद चाल से प्रवाहित
चंद्रमा की
दुग्ध स्निग्ध ज्योत्स्ना
कलरव करती
पक्षियों की झुण्ड
कोयल की कूक
फूलों की खुशबू
समस्त मनोहारी दृश्य
मन को आह्लादित करने
आए वसंत का
ऋतुराज का
स्वागत !

वसंत से
नवस्फुरण
रसवंती धारा
संगीत
साहित्य
कलाएँ
मनमोहक
तत्वों के साथ
वसंत
कविता और कला
हर कली
हर पत्ती
हर्ष के साथ
कविता पाठ करती
सकारात्मक
आंतरिक ऊर्जा भरती
हमारी आभा का
सर्वोत्तम प्राण केंद्र
वसंत का
ऋतुराज का
स्वागत!!
    ★★★
©  #कामेश्वर_निरंकुश।

ऋतुराज का स्वागत


पीली धानी रंग में सजी
उत्सव का रंग लिए
आनंद
मस्ती
चरमोत्कर्ष पर
सकल मानव की वृत्तियों को
सुरुचिपूर्ण
सुखद
संयत
कल्याणकारी
बनाने के लिए
जीवन को
नए अहसास
नए विचार
भरने के लिए
वसंत का
ऋतुराज का
स्वागत !

मलय समीर
मंद चाल से प्रवाहित
चंद्रमा की
दुग्ध स्निग्ध ज्योत्स्ना
कलरव करती
पक्षियों की झुण्ड
कोयल की कूक
फूलों की खुशबू
समस्त मनोहारी दृश्य
मन को आह्लादित करने
आए वसंत का
ऋतुराज का
स्वागत !

वसंत से
नवस्फुरण
रसवंती धारा
संगीत
साहित्य
कलाएँ
मनमोहक
तत्वों के साथ
वसंत
कविता और कला
हर कली
हर पत्ती
हर्ष के साथ
कविता पाठ करती
सकारात्मक
आंतरिक ऊर्जा भरती
हमारी आभा का
सर्वोत्तम प्राण केंद्र
वसंत का
ऋतुराज का
स्वागत!!
    ★★★
©  #कामेश्वर_निरंकुश।

विश्व चित्रांश परिवार


चित्रगुप्त के वंशज हम
लिखते इतिहास !
विश्व चित्रांश परिवार का
शुभ दिन है आज !!
शुभ दिन है आज
राष्ट्रीय त्यौहार में!
रंगोत्सव का पर्व यह
रंगों की बौछार में!!
कहे निरंकुश ऐसा अवसर
विरले है आता!
नाच गान से धूम धाम से
मस्त हो जाता!!
निशिकर और धीरज का
अनुपम यह संयोग!
राशदादा संग संजय श्रीवास्तव
याद आएंगे रोज!!
गुरुचरण ने खूब खिलाई
मेवा और मिठाई!
निरंकुश की होली कविताएं
हृदय में देगी सुनाई!!
          ★★★
   ©  #कामेश्वर_निरंकुश

होली में मोबाइल


होली में रंग गुलाल के बदले
मोबाइल लिए कवि निरंकुश निकले
चित्रांश परिवार में आए
मोबाइल की स्थिति सुनाए
... .. *अब सभी सम्वेदनाएँ
        हथेली में धँस रही है,
        बाजार की शक्तियों
        शिकंजा कस रही है,
        एसएमएस के जरिये
        भावनाएं बह रही है,
        वर्जनाओं की चट्टानें
        रेत बन ढह रही है
        टॉवर, टॉवर बड़ा और आदमी
        छोटा होता  जा रहा है।
        सच मानिए मोबाइल कहीं कहीं
        घिनौना होता जा रहा है।।
                      ★★★
      ©  #कामेश्वर_निरंकुश

किसी खाश के लिए

तेरी ज़ुल्फ़ें हैं या
बरसात की काली घटाएं
तेरी पेशानी है या
बर्फीली चट्टानें
तेरे अबरू हैं या
तेज़ कटारी या खंजर
तेरी आँखें हैं या
कोई  गहरी झील या
कोई मैखाना
तेरे रुखसार हैं या
दहकते हुए सुर्ख गुला
तेरे लब हैं या
जाम से टपकती शराब
तेरी गरदन है या
कोई मय की सुराही
तेरे शाने हैं या
कोई मसनद-ए-गुदाज़
तेरा सीना है या
कोई पुरलुत्फ कहकशां
तेरी कमर है या
किसी शाख-ए-गुल की लचक
और तेरा सरापा है या
कायनात का हसीन रुख
            ****

भारतीय जवान


इतना बदलाव
कहाँ गई देश भक्ति
क्या क्षीण हो जाए
देश रक्षार्थ जवानों की शक्ति
घिन आती है ऐसे सोच पर
सिनेमा से प्रेम
सिनेमा हॉल में उमड़ती भीड़
काल्पनिक करेक्टर
बाहुबली की मौत जानने के लिए परेशान
कट्टपा ने क्यों मारा
क्यों गई बाहुबली की जान
मगर नक्सलियों ने जवानों को क्यों मारा
किसी का नहीं गया ध्यान
क्या था और क्या बन गया
यह मेरा हिंदुस्तान
अब भी सोचें
समझें जाने
देश के जवानों की
कुर्बानी को मानकर
राष्ट्रीय धर्म को पहचानकर
रंगोत्सव त्यौहार मनाएँ।
होली की शुभ कामनाएँ।।
              ◆◆◆
 ©  #कामेश्वर_निरंकुश

कलम आज उनकी जय बोल.....

मेरे मित्र ने कहा
अपनों के अलावे
कभी किसी
दुःखी रोगी का दर्द
अपनी
सेल्फी में
क्लिक कर
कैद कर लेना।
     ईश्वर भी
     लाइक करने से
     स्वयं को
     रोक नहीं पाएंगे।
      ★★★
© #कामेंश्वर_निरंकुश