Sunday, 4 July 2021

खुशी_की_लहर

 

खुशी की लहर

जीवंत दिख रहा शहर

गावों में हरियाली

सबके चेहरे पर छाई लाली

कोरोनो की दूसरी लहर की दौर

बढ़ चली फतह की ओर

देश  के टॉप में पहुँचे देश के 10 राज्य

राजस्थान 98.85 फीसदी

रिकवरी दर के साथ

देश के दस राज्य टॉप पर

मध्य प्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार,

चंडीगढ़, गुजरात, दिल्ली,

झारखंड, छत्तीसगढ़, लद्दाख से

देश का रिकवरी प्रतिशत

हो गया 96.58 प्रतिशत

कोरोना को दिखा दिया हक़ीक़त

85 दिनों के बाद जाकर

राजस्थान में एक भी मौत नहीं

राज्यों में सबसे खराब रिकवरी कर्नाटक की

और सबसे कम रिकवरी मिजोरम की

महाराष्ट्र में एक्टिव केस सर्वाधिक

स्थिति चिंतनीय है अधिक

फिर भी हमें रहना है होशियार

हर तरीके से रहें तैयार

अनलॉक के बाद भीड़ के चलते

तीसरी लहर के आने की है सम्भावना 

ऐसी न हो, यही करे कामना

अधिक सतर्कता और टीकाकरण पर

देना होगा अधिक ध्यान।

ताकि विश्व मे फैले भारत का नाम।।

                   ★★★

              #कामेश्वर_निरंकुश

कोरोना_कहर_में_ड्रोन_हमला


यह हम पढ़ते आए हैं

विज्ञान वरदान भी है

और अभिशाप भी

कोरोना कहर में मानवता

सज्जनता, बचाव के उपाय

महामारी रोकने के दॄढ उपाय 

इसमें जी जान से लगे हैं वैज्ञानिक

वैक्सीन, दवाईयाँ और

अन्य मेडिकल सुविधाएं

सुदूर इलाके में पहुँचाने के लिए

ग्रसित मरीजों की जान बचाने के लिए

ड्रोन का इस्तेमाल करने की 

जुगत लगा रहे हैं

वहीं दूसरी तरफ आतंकी 

अपनी ख़ौपनाक इरादों को 

पूरा करने के लिए

ड्रोन का उपयोग करने लगे हैं

दुनिया भर में ड्रोन के हमले 

आतंकी संगठनों के लिए 

कम लागत वाला विकल्प 

बनकर उभरा है

विध्वंस करने का नीयत 

उसका गहरा है

यह हमला हमारे सुरक्षा प्रबंधों पर

विकट सवाल उठाता है

24 जून को खुफिया सूचना के बावजूद 

आतंकी हमला यह साफ साफ दर्शाता है

आतंकी अपने मनसूबे में

एक हद तक सफल हो गए

पुनः ऐसा न हो यह जाँच कर

सरकार को नए खतरों को भांप कर

आगे की रणनीति बनानी होगी।

आतंकियों को सबक दिलानी होगी।।

                   ★★★

            #कामेश्वर_निरंकुश

कोरोनालहर_पर_शोध

 #


कोविड 19 पर 

पहली लहर में विश्व ने 

झेला तबाही 

दूसरी लहर में संक्रमण से

मौत का तांडव और बढ़ी महामारी

फैल गया हर ओर तबाही

यह भी खबर मिली

तीसरी लहर विकराल रुप धर

बच्चों और वृद्धों को ग्रसित 

करने में होगा सक्षम

काला फफूंद दे चुका है दस्तक


मौजूदा वैश्विक महामारी के लिए

कोरोना संक्रमण का उद्गम

दुनिया के लिए है पहेली मात्र

खंगाले गए विज्ञान के शास्त्र

चीन के वुहान लैब से कोरोना वायरस

लीक होने की अटकलें आम हुई

इसी बीच ' करंट बायोलॉजी " में प्रकाशित

एक शोध का परिणाम सरेआम हुई

#बीस_हजार_साल_पहले  पहली बार 

पूर्वी एशिया में मचा था 

#कोरोना_वायरस_का_आतंक

इस परिवार के वायरस 

बीस हजार साल में

तीन महामारी ला चुके हैं

हालांकि सार्स सीओवी और 

मार्स सीओवी से आई महामारी से 

नहीं हुई थी इतनी जनहानि

वैज्ञानिकों यह बात मानी


#एडिलेड_विश्वविद्यालय और

#एरिजोना_विश्वविद्यालय के 

तकनीक शोधकर्त्ताओं ने

कम्प्यूटेशनल तकनीक से विश्व के

26 भू-भाग के 2500 से अधिक 

इंसानों का किया विश्लेषण

इससे विश्व के अन्य देशों का 

बढ़ गया आकर्षण

पूर्वी एशिया के चीन, जापान, मंगोलिया,

ताइवान, उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया

के क्षेत्रों से 42 जोन में कोरोना

वायरस अनुमूलन के संकेत मिले

इनके फेफड़ों में वायरस-इंटरेक्टिंग

प्रोटीन (वीआइपी) पाया गया।

यह खबर विश्व में फैलाया गया।।

                  ★★★

             #कामेश्वर_निरंकुश

अभिलाषा_एक_डॉक्टर_की

 


हर रोगी के जीवन की रक्षा

करना यही कसम है।

क्यों करते हैं चिन्ता

हम हैं तो क्या गम हैं।।


कोरोना कहर दूर हो जाए

डॉक्टर की यह अभिलाषा,

रोग मुक्त प्रसन्न सब होएं

हम सबकी यही सुभेच्छा

दूसरी लहर नाकाम करेंगे

हम सब में इतना दम है। 

हम हैं तो क्या गम है।।


धीरे-धीरे फैल रहा था

जग में मौत की साया,

काला फफूंद ने आकर

पुनः बहुत डर फैलाया,

बच्चे बूढ़े की जान बचाना

हम सबका अब धरम है।

हम हैं तो क्या गम है।।


स्वस्थ रहे यह राष्ट्र हमारा

यही जन गण की चाहत,

मास्क लगाएं दूरी रखें

कभी न आए आफत,

वैक्सीन लेकर रहे सुरक्षित

स्वस्थ रहना ही हरदम है।

हम हैं तो क्या गम है।।


मौज-मस्ती में समय मिले

कभी न हो शिकवे-गिले,

इस आशा की आस लगी

पहले जैसा फिर गले मिले,

त्रासद-घड़ियाँ कभी न आए

हरदम यही लगन है।

हम हैं तो क्या गम है।।


स्वस्थ रहेंगे स्वस्थ रखेंगे

यह संकल्प उठाया,

मानव सेवा बड़ा धर्म है

यही काम अपनाया,

लड़ना है इस कोरोना से

जब तक दम में दम है।

हम हैं तो क्या गम है।।


तीसरी लहर की शंका से

सबमें भय समाया,

पहले से ही रहें सचेत

नहीं पड़े उसकी छाया,

उसके आंसू पोछेंगे

जिसकी आँख भी हम है।

हम हैं तो क्या गम है।


डटे रहे कर्तव्य मार्ग पर

सेवा में तन मन से,

क्रंदन-रुदन नहीं गूंजे

गलियों घर आंगन से,

काम आ सके किसी के

समझें सफल जनम है।

हम हसीन तो क्या गम है।।

               ★★★

        #कामेश्वर_निरंकुश

खबर


आज की ताजा खबर

धीरे धीरे हट रहा है

कोरोना लहर

आइए ऑनलाइन ही सही

करें इस पर विचार विमर्श

त्रासद जीवन में मिलेगा हर्ष

होगी सत्य की अनुभूति

विलुप्त हो जाएगी

मन की दुर्गति

सत्य कथन है आपका

#जीना_परिवार में

जीने का मक़सद क्या है

समझाने के लिए

इस जीवन में सम्भव है

हम पूरी न कर पाएं

यह बतलाने के लिए

भेजते रहे हैं खबर

जिस पर सबकी पड़े नज़र

यह #राशदादा की है खबर

इस विषय का ख्याल कर

करते रहें हैं सदैव आप 

जीना परिवार से यह फरियाद

*#जीना_चाहता_हूँ_मरने_के_बाद*

इस खबर से सबको हो गया ऐतवार

आपकी खबर में जीवन्तता है !

भारतीय दर्शन की प्रधानता है !!

#वसुधैव_कुटुम्बकम की मान्यता है !!!

                      ★★★

        ©  #कामेश्वर_निरंकुश

कोरोना_कहर_में_ड्रोन_हमला

 


यह हम पढ़ते आए हैं

विज्ञान वरदान भी है

और अभिशाप भी

कोरोना कहर में मानवता

सज्जनता, बचाव के उपाय

महामारी रोकने के दॄढ उपाय 

इसमें जी जान से लगे हैं वैज्ञानिक

वैक्सीन, दवाईयाँ और

अन्य मेडिकल सुविधाएं

सुदूर इलाके में पहुँचाने के लिए

ग्रसित मरीजों की जान बचाने के लिए

ड्रोन का इस्तेमाल करने की 

जुगत लगा रहे हैं

वहीं दूसरी तरफ आतंकी 

अपनी ख़ौपनाक इरादों को 

पूरा करने के लिए

ड्रोन का उपयोग करने लगे हैं

दुनिया भर में ड्रोन के हमले 

आतंकी संगठनों के लिए 

कम लागत वाला विकल्प 

बनकर उभरा है

विध्वंस करने का नीयत 

उसका गहरा है

यह हमला हमारे सुरक्षा प्रबंधों पर

विकट सवाल उठाता है

24 जून को खुफिया सूचना के बावजूद 

आतंकी हमला यह साफ साफ दर्शाता है

आतंकी अपने मनसूबे में

एक हद तक सफल हो गए

पुनः ऐसा न हो यह जाँच कर

सरकार को नए खतरों को भांप कर

आगे की रणनीति बनानी होगी।

आतंकियों को सबक दिलानी होगी।।

                   ★★★

            #कामेश्वर_निरंकुश

Tuesday, 11 August 2020

एक दूसरे पर

प्यार
लगाव
अपनापन
बढ़ता जाता है
किसी और के खातिर
कुछ न कुछ
करने की ललक
सीमा लाँघकर भी
अपना होंने के कारण
उसे अपना समझने के कारण
विश्वास था मुझे
और उसे भी
एक दूसरे पर
फिर
दुराग्रह क्यों
अविश्वास क्यों
एक ही झटके में
सब का सब
चूर चूर
क्या इसकी कड़ी
इतनी कमजोर
सत्यता जानने हेतु
दिल और दिमाग पर
अगर लगाते जोर
सामने दीख पड़ता
अविश्वास का बना हुआ
पहाड़
स्वयं पर 
अपनी सोच पर
आस्था
विश्वास 
करना ही होगा
अपना अगर झूठ भी
कभी कभार बोल दे
तो उसने छिपी होती है
भलाई
हित
उसी की खातिर
जिसे चाहा है
माना है
हृदय से
सच्चे मन से
अपना मानकर
सबकुछ तुम्ही हो
यही जानकर !
     ★★★
©  °#कामेश्वर_निरंकुश