Sunday, 9 February 2020

स्वेटर से बुनी कविता.


 लैपटॉप पर
अक्षरों का चयन कर
मन के भावों को
शब्दों में पिरोकर
कविता सृजित करनेवाली
हाथ की उंगलियां
ठंढ से ठिठुरते
वृद्धावस्था में रिक्शा खींचते
उस महामानव को देखकर
उसी कवयित्री ने
हाथ से पकड़े पैकेट से
अपनी उंगलियों से बुने हुए
एक स्वेटर निकाला
रिक्शावाले के हाथों में थमाकर
कहने लगी
पहनकर बताओ गर्म है क्या ?
भौचक्के खड़े रिक्शेवाले ने हामी भरी
कवयित्री मन ही मन खुश हुई
बुदबुदाई आज मैंने
सही अर्थों में उंगलियों से
एक गरीब की खुशी के लिए
कविता गढ़ी है !
क्या आपने ऐसी कविता कभी पढ़ी है ?
              ★★★
      #कामेश्वर_निरंकुश

आजाद हिंद फौज



आजाद हिंद फौज की सेना दुश्मन से थी लोहा लेती।
किसी  घोर  संकट में भी  वह  थी अपनी  सेवा देती।।
हमें  गर्व  है  उस  सेना  पर , बड़ा  काम  था  उसका।
और  काम  के बल  पर ही तो, बड़ा  नाम था उसका।।

आजाद हिंद  सेना के जवान थे धीर, वीर  बलशाली।
सिर में कफ़न  बांधकर करते थे भारत की रखवाली।।
भीषण  गर्मी  में, कड़क  ठंढक में और  घोर  वर्षा में,
उनकी  मनती  थी  होली , उनकी  मनती  थी दीवाली।।

पर्वत  पर  भी  रहते  थे,  घाटी में , खंदक  खाई  में।
डुबकी  लेते  थे  महासिंधु  की , निस्तल  गहराई  में।
उनकी थी  सेना जल में, थल में, और थी वायु में भी,
पल  में  थे जाते  ऊपर और वे , नभ  की  ऊँचाई  में।।

भारत  माँ  के  बेटे  थे आजाद  हिन्द  फौज  के  बेटे।
कभी  खड़े  होकर  लड़ते  थे और  कभी  वे लेटे लेटे।।
वे  अप्रतिम  वीर   जवान  थे , वे  रण  में  अर्जुन  थे,
नेताजी  सुभाष  के  नेतृत्व  में , उनके  धुन  थे पक्के।।

बंदूकों,   तोपों   के  आगे   डटे   खड़े   वे   रहते  थे।
और  वर्फ़  की  चादर  ओढ़े  कहीं  भी  पड़े  रहते थे।।
उनका  साहस  अतुलनीय  था , और  इरादे  थे पक्के।
दुश्मन  से  लोहा  लेते थे , और  उनके  छुड़ाते  छक्के।।
             
       आज नेताजी के जन्म दिन पर उन्हें कोटि कोटि नमन।
                                   ★★★

आजाद हिंद फौज


भारत को आजाद करने हेतु
नेताजी का संकल्प
जिसका कोई नहीं था विकल्प
राष्ट्र सर्वोपरि
देश महान
हाथ जोड़कर
चलने से
नहीं मिलेगी आजादी
बनानी होगी फौज
देश की आजादी के लिए
आजाद हिंद फौज
नेताजी सुभाष जी के नेतृत्व में
बढ़ चले थे कदम
कैसे भूलें हम
सच तो सच होता है
आजाद हिंद फौज के
महानायकों !
आजाद भारत के
प्रथम प्रधानमंत्री
त्रिपुरी जबलपुर में
राष्ट्रीय अधिवेशन में
राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहरू
और राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की
कुटिल नीति छल के शिकार
महान योद्धा, शौर्य, पराक्रमी
जन जन के प्रिय
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस !
आपमें कोई नहीं थी कमी
भारत के सच्चे सपूत
जय हिंद के प्रेरक
तुम्हें कोटि कोटि नमन !
सब करे हैं वंदन!!
तेरा हार्दिक अभिनंदन !!!
          ★★★

गणतंत्र दिवस

फिर  आये  संकल्पों  के दिन, फिर  मंगल दिन आया।
जनता   ही   संप्रभु,  हमने   अपना  गणतंत्र   बनाया।।

हम विशाल जनतंत्र कि हम तो हैं, जन जन की आशा।
सबके  लिए  सुखद  हो  छाया, यह अपनी  परिभाषा।।

सफल  नहीं  होगी  हिंसा, जो आज  कहीं  दिखती  है।
अर्थवान यह कलम समझती, सच को सच लिखती है।।

यह  भारत  है  गणतंत्र  हमारा,  हम  जयकार  मनाते।
हम   जनतंत्र  और  जनता  की   ही  सरकार   मनाते।।

हम  अपनी धरती  के  धन  हैं, नहीं किसी  से कम हैं।
हम  हो  जाते  सख्त  समय पर,  वैसे  बहुत नरम  हैं।।

सृजनशील    हम  और   हमारे  सधे   हुए   सपने  हैं।
हम  होंगे  विकसित  भारत  हम कोटि कोटि अपने हैं।।

अवरोधों   के   ऊपर  तो  हम    अपना  चरण   धरेंगे।
हम  अपने   बल  पर   ही  भारत  का  निर्माण  करेंगे।।
                              ★★★
                ©  #कामेंश्वर_निरंकुश

ऐसे_में_चुपचाप


आज अपने देश में
राजनीति की चाल
बिगाड़ने हेतु
कुछ कर रहे हैं बवाल
गणतंत्र दिवस के
कुछ दिन ही रह गए शेष
क्यों हम भूल रहे हैं संविधान
देशहित राष्ट्रप्रेम को विस्मृत कर
कौन सा रच रहे हैं विधान
हमे याद रखनी चाहिए
कम नहीं होता
सागर का खारापन
कम नहीं होती
पत्थर की सख्ती
कम नहीं होता
काँटों का नुकीलापन
कम नहीं होती
पर्वत की संवेदनहीनता
कम नहीं होता
आकाश का अंतहीन फैलाव
कम नहीं होता
रेगिस्तान का प्रभाव
ऐसे में
कोई भी हो
हम हों या आप
क्या
बस देखते ही रहेंगे चुपचाप ?
              ★★★
   ©  #कामेश्वर_निरंकुश

सावधान

अपने  राष्ट्र  को
ध्वस्त करने के आतुर
भारत को
टुकड़े - टुकड़े  करने में  लगे
हिसा  समर्थन के पोषक
पड़ोसी  राज्य के समर्थक
भारतीय सेना पर
प्रश्न लगाने वाले
महाकपटी
भ्रष्ट  नौकरशाह से लेकर
राजनीति तक
जी जान से लगे हैं
अच्छी तरह  कीजिए
उनकी पहचान
उनसे रहना है सावधान।

समय बहुत कम है
जो करना है सब करले
अवार्ड वापसी,
मोमबत्ती,
बड़ी बिंदी,
लाल सलामी,
हँसिया गैंग,
आपटर्ड,
याचिका गैंग,
टुकड़े टुकड़े गैंग,
असहिष्णुता गैंग,
जातिवाद घृणा फैलाने वाला गैंग,
हलाला और ट्रिपल तलाक का समर्थन कर
देश मे शरिया कानून की मांग करने वाला गैंग,
कुछ  अल्पसंख्यको को साथ लेकर
अधिकार  के नाम पर
गुमराह  करने वाला
मूक बधिर गैंग......
इन सभी से
शांति और अहिंसा के लिए
सांप्रदायिक सद्भावना के लिए
रहना  है  देश के नागरिकों  को 
सावधान।

ये भूल गए
अब्दुल रहीम खानखाना को
सूरदास और कबीर मस्ताना को
शहनाई वादक बिस्मिल्ला ख़ां को
जां बाज अब्दुल हमीद को
बहादुर शाह जफर को
जो इसी राष्ट्र के  लिए  मर मिटे
वन्दे मातरम्
कहते हुए।

ये अब समझ नहीं पाएंगे
भारत में रहकर
पाकिस्तान का गुण गाएंगे
आतंकवादियों को देंगे पनाह
वैमनस्यता फैलाना ही
इनकी  शुरू से रही है चाह
हरसमय हमें
इनसे रहना है
सावधान !
सावधान !!
सावधान !!
                     *****
        ©  #कामेश्वर_निरंकुश

Saturday, 8 February 2020

वाह रे सांसद

देश को चलानेवाले
कर्णधार कहे जाने वाले
बुद्धिमान समझे जाने वाले
सांसद की आज वाणी
उनका  आचरण
और वैचारिक व्यवहार
देश की गरिमा को
कर रहा है तार तार
कोई महात्मा गांधी के
स्वतंत्रता आंदोलन को
कह रहा है ड्रामा
तो कोई किसी को
रावण की औलाद
वे भूल चूके हैं
जनता की फरियाद
कोई दे रहा है
गोली मारने की चेतावनी
तो कोई कर रहा है
देश तोड़ने की मनमानी
कोई अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर
देश को तोड़ रहा है
तो कोई तीन सौ सत्तर के नाम पर
साम्प्रदायिकता का जहर जोड़ रहा है
वे भूल गए हैं के
संसद भवन की गरिमा
वह संसद भवन
जिसे कहा जाता है
लोकतंत्र  का  मन्दिर
पर आज ऐसा लगता है
वही जनता का प्रतिनिधि
वहां देशहित और जनहित पर
विचार विमर्श के बजाए
व्यर्थ की बहस में
समय नष्ट कर रहा है।
अंतर्गल बातों से
स्वयं को भ्रष्ट कर रहा है।।
            *****